केके तथा एबी का विवाद… जितने मुँह उतनी बातें

कहते हैं कि अस्सी के दशक में किशोरदा ने एक बार अमिताभ बच्चन के लिए पार्श्वगायन देना बंद कर दिया था। तथा इसके लिए दोनों के बीच हुआ कोई विवाद कारणभूत माना जाता है. तरह-तरह के अनुमान लगाए जाते हैं इस विषय में… एबी का केके की फ़िल्म में गेस्ट अपीयरेंस से इंकार कर देना… दोनों के बीच में किसी व्यावसायिक मुद्दे पर मतभेद हो जाना या फ़िर बौद्धिक धरातल पर दोनों में किसी कड़वाहट का शुरू होना। क्या हुआ था वाकई में तो कोई भी नहीं जानता, लेकिन जितने मुँह उतनी बातें सुनाई देती है इस विषय में उस घटना के पैंतीस वर्षों के पश्चात् भी।

और यदि कुछ गिनेचुने लोग शायद कुछ जानते भी हों, तो वे भी अपना मुँह खोलने से स्वाभाविकरूप से कतराते हैं। आख़िर दोनों ही फ़िल्म-जगत की सबसे बड़ी विभूतियों में से जो हैं. तो कौन छेड़े उस सोये हुए फ़साने को, कि जाने उसके गर्भ से और कौन-सी शामत आ धमके आपके जीवन में। केके तो अब रहे नहीं, लेकिन एबी आज भी फिल्म-उद्योग की मुख्यधारा का एक अभिन्न हिस्सा समझे जाते हैं, तथा मौक़ा मिलते ही किसी भी बड़बोले पर अदालती कार्यवाही की धमकी देने के लिए ख़ूब मशहूर रहे हैं वो।

मैं बिना स्वयं अपना कोई पक्ष रखे (मेरी उम्र उस वक्त मात्र 13-14 वर्षों की हुआ करती थी), किशोर कुमार तथा अमिताभ बच्चन के उस विवाद के विषय में तीन भिन्न मान्यताओं को उद्धृत करना चाहूँगा। इन तीनों ही मान्यताओं के साक्ष्य वर्ड वाइड वेब पर आज मौज़ूद हैं। पहली मान्यता तो जैसा कि मैंने पहले ही कहा, कि अमिताभ बच्चन का किशोर कुमार द्वारा निर्देशित एवं निर्मित की जा रही किसी फ़िल्म में मेहमान भूमिका से गुरेज़ करना। कहते हैं कि एबी सेट पर आए तथा बिना किशोरदा को बताए ही थोड़ी देर में वहाँ से चले भी गए, जिसके चलते दोनों के बीच में एक खाई ने जन्म लिया। इस मान्यता को मानने वालों की संख्या इंटरनेट पर सबसे अधिक मिलेगी।

दूसरी दो मान्यताएँ जो पिछले दो-तीन वर्षों में मेरे सम्मुख आईं हैं उनमें से एक है, बप्पी लाहिड़ी का 2015 में दिया गया यह इंटरव्यू, जिसमें वो मामा तथा बिगबी के बीच हुए किसी अवार्ड संबंधी मतभेद को दोनों के मनमुटाव का कारण बतलाते दिखाई देते हैं…

तीसरी शंका एबी तथा केके के मध्य शराबी फ़िल्म के एलपी लांच को ले कर हुई किसी खींचतान पर जाती है, कि जो उस समय के प्रिंट मीडिया में प्रकाशित हुई थी, तथा जिसका उल्लेख किशोर कुमार की आवाज में स्टेज शो करने वाले एक कलाकार के साथ यूट्यूब पर हुई बातचीत में मेरे साथ किया गया (वीडियो डीलीट कर दिया गया है)। हालाँकि शराबी तथा कुली की रिलीज़ डेट्स के बीच का अंतर देखते हुए मुझे इस बात पर आज थोड़ी शंका होती है।

“Vijay Amin : Wrong Video..Only due to Film Sharabi LP Kishoreda had a tiff with Big bee..And After that film Record release Kishoreda stopped singing for Amitabhji”

“Vijay Amin : Pankaj Mohan ..Ya sure I ll just search and share..Actually we I ve read it at that time was a regular lead singer with all live shows (still singing Kishpreda’s songs).We had a tough time getting work after late 80’s/early 90’s”

स्वयं मेरे मन में एक चौथी संभावना भी पिछले तीन-चार वर्षों से दस्तक देती रही है, तथा उसका सीधा संबंध मनमोहन देसाई से बनता है। एबी की जिन दो बड़ी सफल फिल्मों कुली तथा मर्द में केके का उन दिनों पार्श्वगायन शामिल नहीं किया गया, उन्हें देसाई ने ही निर्देशित तथा निर्मित किया था। अब स्वभावतः यह प्रश्न बनता है, कि क्या देसाई भी उस केके बनाम एबी के मनमुटाव की एक और कड़ी बन बैठे थे? देसाई तो रहे नहीं, लेकिन ये सारी भ्रांतियाँ फ़िल्म प्रशंसकों में आज भी मौज़ूद है, तथा संभवतः आगे भी बनी रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *